र न्यूज/डेस्क : चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की ओर से 116 विस्थापित गांवों और 13 पुनर्वास स्थलों को लेकर चल रही संवाद यात्रा के दूसरे चरण के चौथे दिन गुरुवार को विभिन्न पुनर्वास स्थलों का दौरा किया गया। यात्रा कपाली ए, कपाली बी, कांदरबेड़ा, चिलगू, गांगुडीह, केसरगाड़िया, डिमुडीह और बोराबिंदा होते हुए चावलीवासा पुनर्वास स्थल पहुंची।
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दौरे के दौरान विस्थापित परिवारों ने पुनर्वास स्थलों की बदहाल स्थिति, मूलभूत सुविधाओं की कमी और पुनर्वास के लिए निर्धारित जमीन पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत मंच के सदस्यों से की।
विस्थापितों का आरोप है कि कई पुनर्वास स्थलों पर खेल मैदान, श्मशान घाट, कब्रिस्तान और सामुदायिक उपयोग के लिए निर्धारित जमीन भी कथित अतिक्रमण की चपेट में है।
बड़ी संख्या में विस्थापित परिवार अब भी जमीन से वंचित
मंच के सदस्य राकेश रंजन महतो, श्यामल मार्डी और जरासिंधू गोप ने बताया कि कपाली ए और बी पुनर्वास क्षेत्र में कथित तौर पर केवल 30-32 लोगों को ही पर्चा मिला है। वहीं, बड़ी संख्या में विस्थापित परिवार अब भी अपने अधिकार की जमीन का इंतजार कर रहे हैं।
मंच के सदस्यों के मुताबिक, जमीन नहीं मिलने के कारण कई विस्थापित परिवार आज भी दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में रहने को मजबूर हैं। इससे उनके सामने रहने के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं की भी समस्या बनी हुई है।
पुनर्वास स्थलों के सीमांकन की मांग
विस्थापित मंच ने प्रशासन से सभी पुनर्वास स्थलों का निष्पक्ष सीमांकन कराने की मांग की है। साथ ही कथित अवैध कब्जे की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और वास्तविक विस्थापित परिवारों को जमीन उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई है।
मंच ने पुनर्वास स्थलों पर सड़क, पानी, बिजली और अन्य जरूरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
विस्थापित मंच के अनुसार, संवाद यात्रा पूरी होने के बाद सभी समस्याओं और विस्थापित परिवारों की मांगों को लेकर आगे की आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।