र न्यूज /डेस्क: झारखंड में कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मांग को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। आजसू पार्टी के प्रमुख और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान कुड़मी समुदाय को एसटी सूची में शामिल करने समेत झारखंड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
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कुड़मी समुदाय लंबे समय से खुद को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल किए जाने की मांग करता रहा है। इस मांग को लेकर समय-समय पर आंदोलन और राजनीतिक गतिविधियां भी देखने को मिलती रही हैं। अब सुदेश महतो की केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात के बाद इस मुद्दे ने एक बार फिर झारखंड की राजनीति में जोर पकड़ लिया है।
मुलाकात के दौरान कुड़मी समुदाय की सामाजिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े पहलुओं को केंद्र के सामने रखने की बात कही गई है। आजसू की ओर से लगातार कुड़मी को एसटी का दर्जा देने की मांग उठाई जाती रही है और पार्टी इसे अपने प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल करती रही है।
सुदेश महतो की अमित शाह से मुलाकात को झारखंड की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। कुड़मी समुदाय की राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका है और ऐसे में इस मुद्दे पर केंद्र के स्तर पर हुई बातचीत के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
मुलाकात के बाद झारखंड में सियासी बयानबाजी तेज होने की संभावना है। अब नजर इस बात पर है कि केंद्र सरकार की ओर से कुड़मी समुदाय को एसटी का दर्जा देने की मांग पर आगे क्या कदम उठाया जाता है।
फिलहाल सुदेश महतो और अमित शाह की मुलाकात के बाद झारखंड की सियासत गरमा गई है और कुड़मी आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।