र न्यूज/डेस्क : पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत कई लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को देशभर के बैंककर्मी हड़ताल पर हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर आयोजित इस देशव्यापी हड़ताल का असर जमशेदपुर में भी देखने को मिल रहा है। शहर के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कई शाखाओं में नियमित बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की प्रमुख मांग
बैंक यूनियनों की इस हड़ताल का सबसे प्रमुख मुद्दा सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है। यूनियनों का कहना है कि मार्च 2024 में हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते के दौरान इस दिशा में सहमति बनने के बावजूद अब तक इसे लागू नहीं किया गया है।
इसके अलावा संशोधित Performance Linked Incentive (PLI) व्यवस्था, पेंशन और कर्मचारियों से जुड़े अन्य लंबित मुद्दों को लेकर भी बैंककर्मियों में नाराजगी है।
जमशेदपुर में बैंकिंग सेवाओं पर असर
शुक्रवार की हड़ताल के कारण नकद जमा और निकासी, चेक क्लियरिंग, ड्राफ्ट, KYC, ऋण संबंधी कार्य और अन्य शाखा आधारित बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुई हैं। जमशेदपुर एक प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक शहर है, ऐसे में बैंक शाखाओं के बंद रहने से कारोबार और आम ग्राहकों के कामकाज पर असर पड़ने की संभावना है।
हालांकि, जमशेदपुर में कितने करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ है, इसका कोई सत्यापित आधिकारिक आंकड़ा फिलहाल सार्वजनिक नहीं हुआ है। हड़ताल समाप्त होने के बाद बैंक यूनियनों या स्थानीय बैंक समन्वय संगठनों की ओर से क्लियरिंग और शाखागत लेन-देन के आधार पर वास्तविक आंकड़ा सामने आ सकता है।
UPI और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जारी रहने की उम्मीद
बैंक हड़ताल के बावजूद UPI, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और ATM जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है। हालांकि, शाखा से जुड़े कार्यों के लिए ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सितंबर में तीन दिन फिर होगी बैंक हड़ताल
बैंक यूनियनों ने सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन पर दबाव बढ़ाने के लिए चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। शुक्रवार की एकदिवसीय हड़ताल के बाद 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को लगातार तीन दिनों की देशव्यापी हड़ताल प्रस्तावित है।
इसके बाद भी यदि मांगों पर समाधान नहीं निकलता है तो बैंक यूनियनों ने 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
बैंकिंग सेवाओं पर आगे बढ़ सकता है असर
ऐसे में शुक्रवार की हड़ताल को केवल एक दिन बैंक बंद रहने तक सीमित नहीं माना जा रहा है। यदि सरकार और बैंक यूनियनों के बीच पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था, PLI और अन्य लंबित मांगों को लेकर सहमति नहीं बनती है, तो सितंबर के अंत और अक्टूबर में बैंकिंग सेवाओं पर और व्यापक असर पड़ सकता है।